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सिमेज में अनूठी तरह से मनाई गयी सरस्वती पूजा | लाइव सोशल प्रोजेक्ट, स्वच्छता अभियान और थीम डेकोरेशन पर हुई प्रतियोगिता

सिमेज में अनूठी तरह से मनाई गयी सरस्वती पूजा | लाइव सोशल प्रोजेक्ट, स्वच्छता अभियान और थीम डेकोरेशन पर हुई प्रतियोगिता

सरस्वती पूजा के अवसर पर कानून व्यवस्था को सुनिश्चित कराना प्रशासन के लिए एक चुनौती है, सभी थानों में विशेष सतर्कता बरती जाती है | छात्राओं के बीच मूर्ति विसर्जन के दौरान, भय और असुरक्षा का माहौल होता है, साथ ही जबरन चंदा उगाही, महिलाओं से छेड़-छाड़, पंडाल से बजते अश्लील गाने भी एक बड़ी समस्या हैं, वहीँ सिमेज कॉलेज के छात्रों ने बिलकुल अलग अंदाज में सरस्वती पूजा का आयोजन कर एक अनुकरणीय पहल की है |

छात्रों ने ‘प्राप्त चंदा’ की मात्र आधी राशि ही पूजा के आयोजन पर खर्च की, शेष आधी राशि में, कॉलेज द्वारा उतनी ही राशि मिलाकर उसे दुगुना कर दिया गया | इस राशि से प्रत्येक ब्रांच ने एक ऐसा सोशल प्रोजेक्ट बनाया, जिसका लाभ पटना की आम जनता एवं वंचित वर्ग के जरुरतमंदो को लम्बे समय तक मिलता रहे | कॉलेज में ‘सरस्वती पूजा’ के आयोजन के साथ-साथ, सभी शाखाओं के मध्य ‘सोशल प्रोजेक्ट, सांस्कृतिक अभियान, थीम डेकोरेशन, तथा सरस्वती पूजा स्वच्छता अभियान प्रतियोगिता’ कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया

सभी शाखाओं को विशेष थीम के आधार पर सजाया गया था | कॉलेज को डेकोरेट करने के लिए छात्रों को ‘सोशल आंट्रप्रेनियरशिप, विकास एवं पर्यावरण के बीच संतुलन, महिला सशक्तिकरण एवं डिजिटल बिहार’ का थीम दिया गया था  |

बोरिंग रोड शाखा द्वारा इन्द्रपुरी स्थित स्कूल में छत एवं बाथरूम का निर्माण किया गया एवं वाटर कूलर, दरी, और ग्रीन बोर्ड भेंट किया गया | वहीँ राजापुर पुल शाखा द्वारा आमजनों की सुविधा हेतु बोरिंग कैनाल रोड पर स्थित तरुमित्र पार्क में एक महिला शौचालय और पब्लिक टॉयलेट का निर्माण किया | साथ ही उन्होंने राजापुर पुल में जन सुविधा के लिए वाटर कूलर मशीन को स्थापित किया है | वहीँ विवेकानंद मार्ग के छात्रो द्वारा विद्यापति मार्ग स्थित वैदिक विद्यालय में पढ़ रहे बटुको के लिए स्नानागार एवं शौचालय का निर्माण किया है | सिमेज अशोक राजपथ शाखा के छात्रो द्वारा आस पास की बस्तियों में रहने वाले 200 छात्रो के बीच शैक्षणिक किट एवम बैग का वितरण किया साथ ही आमजन की सुविधा हेतु अशोक राजपथ पर वाटर कूलर मशीन को स्थापित किया है |

थीम डेकोरेशन’ कटेगरी में सिमेज राजापुर पुल ब्रांच को प्रथम तथा विवेकानंद ब्रांच को रनर अप का पुरस्कार दिया गया | सिमेज के छात्र आस-पास के इलाकों में रहने वाले निर्धन छात्रों को कॉलेज में निःशुल्क पढ़ाते हैं | साथ ही उन्हें नृत्य तथा संगीत का भी प्रशिक्षण प्रदान करते है | इस अवसर पर उन छात्रों को भी इस सरस्वती पूजा आयोजन में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका तथा मंच प्रदान किया गया | इन बच्चों ने इस अवसर पर हिंदी तथा अंग्रेजी में कविताएँ प्रस्तुत की एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया | इस अवसर पर सिमेज कॉलेज की चारों शाखाओं के मध्य ‘लाइव सोशल प्रोजेक्ट कॉम्पीटिशन’, ‘स्वच्छता अभियान प्रतियोगिता’, ‘थीम डेकोरेशन प्रतियोगिता’ एवं ‘सांस्कृतिक कार्यक्रम’ की  प्रतियोगिता आयोजित कराई गयी | छात्रों ने एक-एक बढ़कर एक प्रदर्शन कर निर्णायकों को असमंजस में दाल दिया | इस प्रतियोगिता में ‘लाइव सोशल प्रोजेक्ट कॉम्पीटिशन’ में सिमेज-बोरिंग रोड शाखा को प्रथम तथा सिमेज – राजापुर पुल शाखा को रनर अप का पुरस्कार प्रदान किया गया |  जबकि ‘स्वच्छता अभियान प्रतियोगिता’ में सिमेज कुल्हड़िया कॉम्प्लेक्स शाखा को प्रथम तथा सिमेज-विवेकानंद शाखा को रनर अप  तथा ‘थीम डेकोरेशन प्रतियोगिता’ में सिमेज – राजापुर पुल शाखा को प्रथम तथा सिमेज-विवेकानंद शाखा को रनर अप जबकि एवं ‘सांस्कृतिक कार्यक्रम’ प्रतियोगिता में सिमेज-बोरिंग रोड शाखा को प्रथम तथा सिमेज-विवेकानंद शाखा को रनर अप का पुरस्कार प्रदान किया गया |

कॉलेज के सैंकड़ो छात्र मिल-जुल कर सरस्वती पूजा में सहभागिता तो दिखाई है परन्तु सरस्वती जी की प्रतिमा को विसर्जित करने हेतु प्रति संस्थान से मात्र 5 ही छात्र जायेंगे और वो भी बिना किसी शोर-गुल और हुडदंग के | अगर साथ होगी, तो तो मात्र भक्तिमय पारंपरिक धुन और शिक्षकगण, ताकि पुरे विधि-विधान के साथ, सम्मान-पूर्वक मूर्ति का विसर्जन किया जा सके |

 

सिमेज के निदेशक नीरज अग्रवाल ने बताया कि ‘छात्रों ने सरस्वती पूजा को एक बिलकुल ही नया आयाम दे दिया है | यह इस बात का गवाह है कि यदि युवा शक्ति को सही राह दिखाई जाये, उनको सही मार्गदर्शन प्रदान किया जाये, तो आज के दौर में भी वे सार्थक सामाजिक कार्यो में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दिखा सकते हैं | अगर आज अन्य शैक्षिक संस्थान भी इस तरह के कदम उठायें, तो हमारी वर्तमान युवा पीढ़ी, सफलता और प्रेरणा की नयी कहानियां लिख सकती है | बदलते वक्त में समाज में स्थापित परंपरा में जो अवमूल्यन आया है, हमारे सामाजिक मूल्यों में जो गिरावट आई है उसे देखते हुए सिमेज कॉलेज के छात्रों द्वारा समाज में एक नए प्रतिमान को स्थापित करने की कोशिश की गयी  है | अमूमन देखा जाता है कि सरस्वती पूजा में लोग केवल पूजा स्थल तथा पूजा परिसर की ही साफ़-सफाई करते हैं | लेकिन सिमेज में छात्रों ने केवल पूजा परिसर और कॉलेज ही नहीं बल्कि आस पास के इलाकों की भी साफ-सफाई की है |

वहीँ सुजला निशा, सरफराज, विनम्र, विनम्र, विशाल, दिनेश, आनंद, विजय रंजित मंडल तथा मिथिलेश की पुरे कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता को देखते हुए उन्हें ‘सिमेज स्टार’ के टाईटल से नवाज़ा गया | इस कार्यक्रम में संजय पासवान (पूर्व केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री), असीम लाल चक्रवर्ती (वरिष्ठ प्रोफेसर, पटना विश्वविद्यालय), जाने-माने कार्टूनिस्ट पवन, अवधेश प्रीत (कथाकार), उद्योगपति राजू सुल्तानिया तथा नीरज अग्रवाल (निदेशक-सिमेज) ने निर्णायक की भूमिका निभाई | कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया | छात्रों के इस प्रयास तथा उपलब्धि की सिमेज की सेंटर हेड मेघा अग्रवाल, डीन नीरज पोद्दार, एकेडमिक हेड अखिलेश्वर प्रसाद तथा सभी शिक्षकों तथा जनसामान्य ने भूरी-भूरी प्रशंसा की |

ये रहे सोशल प्रोजेक्ट के विजेता !

प्रथम पुरस्कार

सिमेज – बोरिंग रोड शाखा

 बोरिंग रोड के ‘इन्द्रपुरी’ स्थित, पानी की टंकी के पास, एक ही स्थान पर तीन प्राथमिक विद्यालय चलते हैं, जहाँ लगभग 250 से अधिक छात्र पढ़ते हैं | लेकिन किसी के पास भी अपना भवन नहीं है | बांस और फूस से बनी झोपड़ियों में छात्र पढ़ते को विवश हैं | छात्रों ने अपने सोशल प्रोजेक्ट के तहत,  वहां सभी क्लासरूम के उपर ‘टाटा शीट्स’ से छत बनवाया | छात्र वहां ज़मीन पर बैठकर पढाई करते थे | छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट के तहत, वहाँ उन्हें बेंच-डेस्क देना चाहा, लेकिन जगह की कमी होने से यह संभव नहीं हो पाया तो छात्रों ने उन्हें जमीन पर बिछाने के लिए दरी प्रदान की, ताकि अब छात्रों को सीधे जमीन पर नहीं बैठना पड़े | साथ ही, उन्हें ब्लैक बोर्ड भी प्रदान किया | वहां के छात्र तथा छात्राएं खुले में शौच करने को मजबूर थे | उनकी जरूरतों को देखते हुए छात्रों ने वहां शौचालय भी बनवाया | साथ ही, उनकी ज़रुरतो को देखते हुए, वहां एक ‘वाटर प्यूरीफायर मशीन’ को भी लगवाया |

द्वितीय  पुरस्कार

सिमेज राजापुर शाखा

पुरे बोरिंग केनाल रोड में कहीं भी महिलाओं के लिए शौचालय की सुविधा नहीं थी | बोरिंग कैनाल रोड पर सिमेज के छात्रो द्वारा तरुमित्रा पार्क के बाहर पुरषों के लिए एवं पार्क के अंदर महिलाओं के लिए निःशुल्क शौचालय का निर्माण किया है | साथ ही छात्रों ने अपने सोशल प्रोजेक्ट के तहत, पार्क की साफ-सफाई की, एवं पार्क की दीवारों का रंग रोगन कर सौंदर्यीकरण किया और वहां एक पब्लिक शौचालय तथा महिला शौचालय का निर्माण किया, जिसका इस्तेमाल जन साधारण द्वारा निःशुल्क किया जा सकता है | साथ ही, छात्रों ने राजापुर पुल में लोगों की असुविधा को देखते हुए वहां एक वाटर प्यूरीफायर एवं वाटर कूलर संयंत्र भी लगाया है |

इनके भी प्रयास रहे सराहनीय 

सिमेज – कुल्हड़िया शाखा

छात्रों ने अपने सोशल प्रोजेक्ट के तहत सर्वे करने पर पाया कि वहां व्यस्त इलाका होने की वजह से पुरे दिन काफी लोगों का आना-जाना लगा रहता है | लेकिन लोगों को पीने के लिए स्वच्छ एवं शीतल पानी आस-पास कहीं उपलब्ध नहीं है | छात्रों ने लोगों के मदद के लिए वहाँ एक ‘वाटर कूलर’ स्थापित किया, जिसके माध्यम से जनसामान्य को अब शुद्ध एवं शीतल जल, निःशुल्क उपलब्ध होगा | इसके साथ ही, छात्रों ने अपने सोशल प्रोजेक्ट के तहत आस-पास के बस्तियों के बच्चों के बीच एजुकेशनल किट, स्टडी मेटेरियल एवं स्कुल बैग भी वितरित किया | कॉलेज के छात्र इन बच्चों को कॉलेज में क्लास के बाद निःशुल्क पढ़ाएंगे | आस पास की बस्तियों में रहने वाले २०० से अधिक निर्धन छात्रो के बीच एडुकेशनल किट एवं बैग का वितरण कर सिमेज के छात्रो ने माँ सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पित किये |

शाबास !

सिमेज – विवेकानंद पथ शाखा 

छात्रों ने सोशल प्रोजेक्ट के तहत विद्यापति मार्ग स्थित ‘वेद विद्यालय’ का भ्रमण करने के पश्चात पाया कि वहां के छात्रों को नहाने एवं शौच इत्यादि में समस्या होती है | वहां की जरूरतों को स्टडी करने के पश्चात, छात्रों ने ‘वेद विद्यालय’ में स्नानागार एवं शौचालय का निर्माण किया |