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सिमेज कॉलेज के नवतेज कार्यक्रम में वॉलीवुड के प्रख्यात पार्श्व गायक तोचि रैना ने अपने गानों से बाँधा समां | नए छात्रों को मिला ओरिएंटेशन और पुराने छात्रों को सफलता के साथ विदाई

सिमेज कॉलेज के नवतेज कार्यक्रम में वॉलीवुड के प्रख्यात पार्श्व गायक तोचि रैना ने अपने गानों से बाँधा समां | नए छात्रों को मिला ओरिएंटेशन और पुराने छात्रों को सफलता के साथ विदाई

सिमेज कॉलेज के नवतेज  कार्यक्रम के दौरान IIT और IIM के कार्यक्रमों जैसा नज़ारा देखेने को मिला | मंच पर थे  वॉलीवुड के प्रख्यात गायक ‘तोचि रैना’, अपने बैंड ‘बैण्ड ऑफ़ बंदगी’ के साथ | और सामने थी झूमते हुए सिमेज के हजारों छात्रों की भीड़ | तोचि रैना ने छात्रों के सामने लाईव कंसर्ट प्रस्तुत कर छात्रों का दिल जीत लिया | ‘तोचि रैना’ ने कई फिल्मो और एलबम्स के लिए हिट गाने गायें हैं | उन्होंने ‘खलबली….,  बुल्ले शाह…., ओ परदेसी…, ईकतारा…., गल मिठ्ठी-मिठ्ठी बोल…, अली…, मेरा काट कलेजा…’ साईबो…, वे मलंग….’ तथा अन्य प्रमुख गानों पर पुरे हॉल को अपने साथ झुमने पर मजबूर कर दिया | छात्रों की मांग पर ‘रे कबीरा मान जा….,’ को तीन बार, तीन तरह से गाकर पुरे माहौल को मदहोश कर दिया | अंतिम बार उन्होंने बिना म्युज़िक के जब, छात्रों के बीच बैठकर ‘रे कबीरा मान जा….,’ गाया, तो पूरा हॉल बरबस उनके साथ सुर में सुर मिला बैठा | छात्रों की तालियों की गूंज ने तोचि रैना को मंच छोड़ने का मौका ही नहीं दिया | वंस मोर, वंस मोर की गूंजे ने तोचि को फिर अगला सुर लगाने को मजबूर कर दिया | उन्होंने ‘छाप-तिलक सब छीनी, मोसे नैना मिलाय के..’ को गाकर छात्रों की जबर्दस्त तालियाँ बटोरी | उसके बाद जब उन्होंने ‘दमादम मस्त कलंदर’ गया तो पुरे माहौल को उर्जावान कर दिया | नुसरत फ़तेह अली के शिष्य ‘तोचि रैना’ का यह पटना में पहला म्यूजिकल कन्सर्ट था | उन्होंने अपने गुरु को उनके ही गाये हुए गीत ‘किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया…’ गाकर श्रद्धांजलि दी |

उन्होंने कहा कि ‘संगीत ईश्वर की इबादत है, जो खुद से प्यार नहीं करेगा, वह खुदा से कैसे प्यार करेगा ?’

कार्यक्रम के दौरान वहां का नज़ारा IIT और IIM के किसी फेस्ट के जैसा देखने को मिला | कलाकारों के स्टेज के सामने सैकड़ो छात्रों की संगीत में झूमते सैंकड़ो छात्रों की भीड़ थी | छात्र हाथो में मोबाईल लिए, उसकी रौशनी को म्युज़िक की स्वर लहरियों के साथ-साथ लयबद्ध तरीके से हिलाते हुए झूम रहे थे | छात्रों के उत्साह को देखते हुए तोचि रैना भी खुद को, उनके बीच जाने से नहीं रोक सके | सिमेज के छात्रों ने भी उनके साथ स्टेज पर चढ़ कर, उनके सुर में सुर मिलाये और उनके गानों पर अपनी थिरकन से उनका मन मोह लिया | उसके बाद तो झुमने और नाचने का सिलसिला परवान चढ़ता ही गया | जब उन्होंने ‘देव डी’ फिल्म के गाने ‘ओ परदेसी…’ गाया तो छात्रों का जोश और जूनून देखते ही बनता था |

उन्होंने छात्रों के सामने हिट गाने ‘गल मिठ्ठी- मिठ्ठी बोल…’ को गाया और छात्रों को सन्देश दिया कि ‘चाहे जहाँ भी रहो, गल मिठ्ठी- मिठ्ठी ही बोलो’ | जहाँ भी जाओ, अच्छे दोस्त बनाओ, और दोस्ती कायम रखो |’ उन्होने छात्रों को अपने बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ‘मै शुरू से ही मलंग स्वभाव का रहा हूँ और फकीरों की दरगाह पर जाते रहा हूँ | बाबा बुल्ले शाह, बाबा फ़रीद, नानक और कबीर ने मुझे काफी प्रभावित किया | उन्होंने अपने दादा का ज़िक्र करते हुए कहा कि ‘वे भी पंजाब के फ़क़ीर थे | उनसे उन्हें सूफियाना दर्शन को समझने में मदद मिली | उन्होंने मायानगरी मुंबई का ज़िक्र करते हुए कहा कि एक दिन जब वे संगीत निर्देशक असीम त्रिवेदी के साथ बैठे हुए थे तो ‘संत कबीर’ का ज़िक्र चल रहा था, तो उन्होंने बातों ही बातों में किसी बात पर कहा ‘अरे कबीर, मान जा’ और इस तरह से जन्म हुआ ‘रे कबीरा मान जा, रे फकीरा मान जा, मिटटी की सुराही वही, टूटी चारपाई वही…’ | उन्होंने कहा कि हम अपने गाँव से और अपनी सभ्यता से दूर होते जा रहें हैं | ज़रूरत इस बात की है हम इस बात को समझें की हमारी जड़े कहाँ हैं | आज के नौजवानों को ज़रूरत है कि अपनी बहुमूल्य परम्परा को समझें |

इसके साथ ही सिमेज कॉलेज द्वारा छात्रों के लिए आयोजित ‘दो दिवसीय कार्यक्रम’ ‘नवतेज का आज रंगारंग समापन हो गया |

कार्यक्रम की शुरुआत में स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए सिमेज के निदेशक नीरज अग्रवाल ने कहा कि नवतेज कार्यक्रम के माध्यम से नए छात्रों को अगले 3 सालों के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा है | हमारा यह प्रयास है कि छात्रों के अंदर एक दृढ इच्छाशक्ति का विकास हो तथा वे टीम में काम करने की भावना एवं स्वानुशासन विकसित कर सकें | इस अवसर पर जिन भी छात्रों की पढाई पूरी हो चुकी है और जो भी छात्र अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर, हमसे दूर जा रहें हैं, उन्हें हम पुरे सिमेज परिवार की तरफ से उनकी सफलताओं के लिए बधाई देते हैं एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं | ज्ञात हो कि सिमेज के 95 छात्रों का हाल में ही विप्रो और टी.सी.एस. में चयन हुआ है | टी.सी.एस. में चयनित हुए 24 छात्रों को चेन्नई में तथा विप्रो में चयनित हुए छात्रों को बैंगलोर में ज्वाईनिंग दी गयी है | इस अवसर पर सिमेज के निदेशक नीरज अग्रवाल ने बिहार विश्विद्यालय के तहत सिमेज में BBA, BCA, BScIT  के रेगुलर कोर्सेज़ की शुरुआत की घोषणा भी की | इसमें नामांकन के इच्छुक छात्र सिमेज कॉलेज, बोरिंग रोड अथवा मोबाईल न. 9835024444 पर सम्पर्क कर विशेष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

उन्होंने बताया कि सिमेज कॉलेज में बी.सी.ए. के छात्रों के लिए एक विशेष ‘रोबोटिक्स वर्कशॉप’ का आयोजन किया गया | इस कार्यक्रम का आयोजन सिमेज कॉलेज, आई.आई.टी.(दिल्ली) के आई.टी.सेल तथा ऑल इन्डिया काउन्सिल फॉर रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन’ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था | सिमेज के छात्रों ने केन्द्रीय सुचना एवं तकनीक मंत्री रविशंकर प्रसाद के समक्ष अपने बनाये हुए रोबोट्स को प्रदर्शित किया था | साथ ही उन्होंने  बी.बी.एम., बी.सी.ए. तथा बी.एस.सी.-आई.टी. के सत्र 2012-15 की वोकेशनल परीक्षा के परिणाम का ज़िक्र करते हुए कहा कि ‘सिमेज कॉलेज समूह के छात्रों ने इस परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है | सिमेज समूह के कुल 132 छात्रों ने ‘डिशटिंगशन’ के अंको के साथ परीक्षा उतीर्ण की जबकि सिमेज समूह के कुल 519 छात्रों में से 482 छात्रों ने फर्स्ट डिविज़न से परीक्षा उतीर्ण की हैं |’ उन्होंने छात्रों को उनकी सफलता के लिए बधाई दी |

इस अवसर पर अरविन्द ठाकुर, निदेशक, स्पोर्ट्स यूथ एंड वेलफेयर ने भी छात्रों का उत्साहवर्धन किया | कार्यक्रम के दौरान सिमेज के डीन नीरज पोद्दार ने मंच संचालित किया | इस अवसर पर सिमेज के चेयरमैन बसंत अग्रवाल, सेंटर हेड मेघा अग्रवाल, सभी शिक्षकगण एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे |