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सिमेज कॉलेज में मनाया गया ‘इंटरनैशनल वीमन्स डे’ | उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए महिला एचीवर्स को किया गया सम्मानित | साहित्य, कला, खेल, संस्कृति, मीडिया, प्रशाषन, उद्यमिता और  समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यो के लिए मिला सम्मान

सिमेज कॉलेज में मनाया गया ‘इंटरनैशनल वीमन्स डे’ | उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए महिला एचीवर्स को किया गया सम्मानित | साहित्य, कला, खेल, संस्कृति, मीडिया, प्रशाषन, उद्यमिता और  समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यो के लिए मिला सम्मान

 

सिमेज कॉलेज में मनाया गया इंटरनैशनल वीमन्स डे’

उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए महिला एचीवर्स को किया गया सम्मानित

साहित्य, कला, खेल, संस्कृति, मीडिया, प्रशाषन, उद्यमिता और  समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यो के लिए मिला सम्मान

‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर 8 मार्च को ‘सिमेज कॉलेज के वीमन एम्पावरमेंट क्लब’ द्वारा महिलाओं को समर्पित एक कार्यक्रम ‘इन्स्पायरिंग चेन्ज’ का आयोजन किया गया | इसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों जैसे ‘शिक्षा, स्वास्थ्य, साहित्य, प्रशासन, पुलिस सेवा, उद्यमिता, कला, संगीत, रंगमंच, पत्रकारिता, समाज सेवा, फैशन इत्यादि में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर चुकी महिलाओं को सम्मानित किया गया | इस कार्यक्रम में समाज के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणा का स्रोत बनी ऐसी महिलाओं को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने संघर्ष और कठिन परिस्थियों के बावजूद अपनी सफलता की इबारत लिखी |

इस कार्यक्रम में बिहार विधान परिषद् के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की | वहीँ जानी-मानी साहित्यकार पद्म श्री उषा किरण खान, आज तक की एग्ज़ेकेटिव एडिटर श्वेता सिंह, महिला सशक्तिकरण के लिए संघर्षरत गुलाबी गैंग की संस्थापक संपत पाल, आई.पी.एस. सयाली धुरत, शिक्षाविद् डेज़ी नारायण, आर.जे.अंजलि, आर.जे. श्रुति, राष्ट्रीय फुटबाल टीम की पूर्व उपकप्तान मधू कुमारी, एसिड हमले हमले की शिकार चंचल कुमारी, ज्योति कुमारी, शिक्षाविद् नीता चौधरी, ज्योति परिहार, दिव्यांग नृत्यांगना वैष्णवी, सामाजिक कार्यकर्ता और किसान सखी सुगंधा मुंशी, महिला फुटबाल ट्रेनर प्रतिमा, महिला अधिकारों के लिए संघर्षरत एडवोकेट श्रुति सिन्हा, फिल्म सेंसर बोर्ड की सदस्या संध्या सिन्हा, एसिड अटैक की शिकार सोनी परवीन, शारीरिक उत्पीड़न और बलात्कार का शिकार जीमा लाकड़ा, दलितों के सामाजिक उत्थान के लिए संघर्षरत प्रदीप प्रियदर्शी, महिला हेल्पलाइन की फाउंडर प्रज्ञा एवं महिला उद्यमी अमृता झा को सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर ‘सिमेज कॉलेज के वीमन एम्पावरमेंट क्लब’ की छात्राओं द्वारा ‘भ्रूण हत्या, दहेज, बाल शोषण, लिंग-भेद, छेड़-छाड़, बलात्कार, महिलाओं पर एसिड अटैक, महिला शशक्तिकरण तथा ‘महिलाओं के सम्मुख उपस्थित चुनौतिओं’ पर केंद्रित नृत्य-नाटिकायें तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये  गए |

इस अवसर पर ‘अम्बे एवं ग्रुप’ ने स्वागत गान प्रस्तुत किया | जबकि गुलाबी गैंग की मुखिया संपत पाल को समर्पित ‘सैमी एवं ग्रुप’ की नारी शक्ति पर केंद्रित नृत्य नाटिका ने भरपूर ताली बटोरी | वहीँ ‘रिनी एवं ग्रुप’ ने महिला शशक्तिकरण विषय पर आधारित अपने नृत्य ‘अपनी आज़ादी..’ गाने पर प्रस्तुत नृत्य से लोगों का भरपूर मंज़ूर किया | जबकि ‘मेघा एवं ग्रुप’ ने ‘मेरे सपने…’ मेडली पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर, उपस्थित जनसमूह की वाह-वाही बटोरी | वहीँ  ‘पुरुषोत्तम एवं ग्रुप’ ने ‘नारी शक्ति..’ मेडली पर नृत्य प्रस्तुत कर लोगों के क़दमों को थिरका दिया | वहीँ ‘शुभम एवं ग्रुप’ ने ‘डी-विल्स’ गाने पर अपने नृत्य से लोगों को अपने साथ झुमने पर मजबूर कर दिया | जबकि ‘श्वेत एवं ग्रुप’ ने ‘रेडियो मिर्ची मेडली’ पर अपने नृत्य से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया | वहीँ ‘पुरुषोत्तम एवं ग्रुप’ ने ‘छू लें आसमान…’ गाने पर नृत्य करने के साथ-साथ, समाज को अपने बुलंद हौसलों से भी अवगत कराया |

वहीँ ‘सूरज एवं शशि’ ने ‘धन्य-धन्य मेरा जीवन..’ गाने को सुरीले स्वर में गा कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया | जबकि पूजा कुमारी ने अपने अंग्रेजी गाने ‘हू सेज़..’ गाकर दर्शकों की सराहना बटोरी | वहीँ  ‘पूजा एवं समूह’ ने ‘जिया रे, जिया रे…’ को सुरीले स्वर में गाकर उपस्थित जनसमूह की भरपूर वाहवाही  बटोरी |

इस अवसर पर छात्रों द्वारा पुरातनपंथी सोच तथा लिंग भेद पर करारा चोट करते नुक्कड़ नाटक ‘दुर्गा के देश में’ का भी मंचन किया गया | इस नाटक के माध्यम से छात्रों ने समाज में लिंग भेद, छेड़-छाड़, एसिड अटैक जैसी सामाजिक विकृति पर करार प्रहार किया और दर्शकों का आवाहन किया कि अब बदलने का वक्त आ गया है | उन्होंने अपने सन्देश ‘महिलायें दोयम दर्जे की नहीं हैं, बल्कि उनके वजूद से ही पुरुषों का वजूद कायम है’ से दर्शकों को अपनी जिम्मेदारियों को समझने पर मजबूर कर दिया |

इस अवसर पर सिमेज के निदेशक नीरज अग्रवाल ने कार्यक्रम के आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम सभी आधी आबादी के ऋणी है पर आधी आबादी को बराबरी का हक अभी तक हासिल नहीं हुआ है | हक की इस लड़ाई में सिमेज कॉलेज अपनी भूमिका अदा करता रहा है – जब छात्राओं  को विप्रो, टी०सि०एस०, एयरटेल, एक्सिस बेंक, वोडाफ़ोन, स्टेट बैंक जैसे संस्थाओं में मिलता है, जब वे आर्थिक से स्वाबलंबी बनती हैं, तो सच्चे अर्थों में उनका शशक्तिकरण होता है | सिमेज में पचास प्रतिशत से अधिक छात्राएं है | इस वर्ष छात्राओं को विशेष छात्रिवृति दी जायेगी | ये कार्यक्रम एक प्रयास है संभावनाओं के अधिक से अधिक दियों को जलाने का, नयी पीढ़ी के सामने नए प्रेरणा स्त्रोतों को प्रस्तुत करने का, हिम्मत, हौसले, और न हारने के ज़ज्बे को सलाम करने का | बिहार की धरती को बिहार की बेटियों ने समृद्ध बनाया है, ये कार्यक्रम इन बेटियों के नाम है| ये कार्यक्रम एक सलाम है, विपरीत परिस्तिथियों में, फाईट बैक करने वाली शक्ति-स्वरूपा को..ये कार्यक्रम नयी शुरुआत, नयी सोच और निःस्वार्थ सेवा का सम्मान है |

वहीँ इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बिहार विधान परिषद् के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि ‘आज की नारी सभी क्षेत्रो में क्षितिज पर उभर रही हैं | सिमेज में शैक्षिक गतिविधियों के साथ-साथ, छात्रों को उनके सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास सराहनीय है |

जबकि साहित्यकार पद्म श्री उषा किरण खान ने सिमेज के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ‘समाज को लड़कियों को सलीका सिखाने की बजाय अपने लड़कों को यह सिखाना चाहिये कि उन्हें लड़कियों के साथ कैसा बर्ताव करना चाहिए ? उन्होंने कहा हमें अच्छा इन्सान और नागरिक बनना चाहिए और दुसरे मनुष्य के साथ सही बर्ताव करना चाहिए |

वहीँ छात्रों को संबोधित करते हुए आज तक की असोसिएट एडिटर श्वेता सिंह ने छात्रों के प्रतिभा की तारीफ की और कहा कि ‘अब महिलाओं का जमाना है और महिलायें हर क्षेत्र में अपनी सफलता के परचम लहरा रही हैं | उन्होंने बिहार में आये बदलाव का ज़िक्र करते हुए महिला सिटी एस.पी. और पुलिस की भी तारीफ की |

जबकि गुलाबी गैंग की संस्थापक संपत पाल ने कहा कि ‘महिलाओं को संगठित होने की ज़रूरत है | संगठन में बहुत बड़ी शक्ति है | जब मैं अनपढ़ होकर, संगठन के बल पर महिलाओं के हक़ के लिए आवाज़ बुलंद कर सकती हूँ, तो पढ़ी लिखी लड़कियां और महिलाएं तो बहुत कुछ कर सकती हैं | लड़कियां अपना भविष्य बनायें |

जबकि आई.पी.एस. सयाली धुरत ने कहा कि ‘लड़कियों में अपने सपनों को पूरा करने की क्षमता है| लड़कियां अपने पैरों पर खड़ी हों और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें | उन्होंने लड़कियों को और आत्मविश्वासी बनने की सलाह दी और कहा उन्हें अपने डर से मुकाबला करना चाहिए’ |

वहीँ कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन सिमेज की सेंटर हेड मेघा अग्रवाल ने किया | कार्यक्रम के दौरान सिमेज के डीन नीरज पोद्दार ने मंच संचालित किया |  इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार प्रकट किये | साथ ही छात्रों ने भी वक्ताओं से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा शांत की | इस अवसर पर सिमेज के छात्रों के साथ-साथ, उनके अभिभावक तथा सभी शिक्षकगण भी मौजूद थे |