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‘आंट्रप्रेन्युअरशिप अवेयरनेस ड्राइव’ में सिमेज के छात्रों ने बिजनेस के गुर सीखे | सिमेज में स्थापित होगा आंट्रप्रेन्युअरशिप इन्क्यूबेशन सेंटर

‘आंट्रप्रेन्युअरशिप अवेयरनेस ड्राइव’ में सिमेज के छात्रों ने बिजनेस के गुर सीखे | सिमेज में स्थापित होगा आंट्रप्रेन्युअरशिप इन्क्यूबेशन सेंटर

सिमेज कॉलेज तथा ‘आई.आई.टी.-खड़गपुर के आंट्रप्रेन्युअरशिप सेल’ के संयुक्त तत्वावधान में प्रबंधन के छात्रों के लिए एक “आंट्रप्रेन्युअरशिप अवेयरनेस ड्राइव” का आयोजन किया गया | कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय ‘बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एन्ड इण्डस्ट्रीज़, पटना’ में किया गया था |

कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का स्वागत करते हुए सिमेज के निदेशक नीरज अग्रवाल ने कहा कि ‘आज के कार्यक्रम में युवाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति से बिहार के युवाओं में ‘आंट्रप्रेन्युअरशिप’ के प्रति बढ़ते हुए झुकाव का पता चलता है | एक आंट्रप्रेन्युअर’ बनने के लिए व्यक्ति में इनोवेशन, लीडरशिप, डिसीजन मेकिंग एबिलिटी, मैनेजमेंट एबिलिटी तथा रिस्क लेने की क्षमता होनी चाहिए | उन्होंने कहा कि बिहार के पुनिर्माण में सोशल आंट्रप्रेन्युअरशिप’ की अभूतपूर्व भूमिका हो सकती है | क्योंकि इसका उद्देश्य केवल उद्यमि अथवा निवेशक का हित साधना नहीं होता है तथापि उसका मुख्य लक्ष्य समाज का सर्वांगींण विकास होता है | उन्होंने कहा कि कॉलेज के वैसे छात्र जो उद्यमिता के क्षेत्र में जान चाहते हैं उनकी राह को आसान बनाने हेतु सिमेज कॉलेज में ही एक इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी | जिसके माध्यम से छात्रों को सभी आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी एवं उन्हें वेंचर कैपिटल फर्म्स, प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर एवं इन्जल इन्वेस्टर से जोड़ने का काम भी किया जायेगा | उन्होंने कहा कि सिमेज में पहले से ही ई-सेल कार्यशील है | जिसके तहत समय-समय पर मीट द आंट्रप्रेन्युअर्स, बिजनेस प्लान कॉम्पीटिशन, वन डे आंट्रप्रेन्युअरशिप कार्यक्रम एवं इण्डस्ट्रियल विजिट्स जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है |

जो छात्र अपना उद्यम स्थापित करना चाहते हैं उन्हें पी.एम.ई.जी.पी योजना के माध्यम से 10 लाख रूपये तक का ऋण मिल सकता है | मुद्रा बैंक के माध्यम से भी छात्रों को लोन मिल सकता है | जबकि ‘मिनिस्ट्री ऑफ़ माइक्रो, स्मॉल एन्ड मीडियम इंटरप्राइजेज – भारत सरकार, में माध्यम से 1 करोड़ तक का लोन बिना किसी कोलोट्रल के मिल सकता है | उन्होंने बिहार सरकार द्वारा की गयी पहल के बारे में बताया, जिसके तहत बिहार इण्डस्ट्रीज़ असोसिएशन तथा बी.ई.ए. में इन्क्ब्युबेशन सेंटर की स्थापना की गयी है | जिसके माध्यम से अपना उद्यम स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों को सभी जानकारी एवं ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी तथा उनको प्रोजेक्ट बनाने में मदद भी प्रदान की जाएगी |

इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन, पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया एवं अतिथियों का पुष्यगुच्छ से स्वागत किया गया | कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आई.आई.टी.-खड़गपुर के आंट्रप्रेन्युअरशिप सेल’ से असोसिएट मेम्बर निलेश पालीवाल के साथ, ‘आंट्रप्रेन्युअरशिप के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल किये आंट्रप्रेन्युअर्स, जैसे कौशल्या फाउंडेशन में संस्थापक कौशलेन्द्र तथा ‘फार्म्स एन्ड फार्मर्स’ के को-फाउंडर मनीष कुमार उपस्थित थे | साथ ही ‘बिहार इंडस्ट्रीज असोसिएशन’ के भू.पु. प्रेसिडेंट’ के.पी.एस.केसरी तथा ‘इंडो- अमेरिकन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स’ के चेयरमैन तथा ‘बिहार आंट्रप्रेन्युअर्स असोसिएशन’ के फाउन्डर एन्ड सेक्रेटरी जनरल ‘अभिषेक सिंह भी थे | जिन्होंने छात्रों के साथ अपने अनुभवों को साझा किया एवं छात्रों को अपने ज्ञान से लाभान्वित किया |

के.पी.एस.केसरी  (भू.पु. प्रेसिडेंट, बिहार इंडस्ट्रीज असोसिएशन) ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘उन्होंने कहा की युवाओं को जॉब सीकर होने के बजाय, जॉब गिवर की श्रेणी में आना चाहिए | जब एक उद्यमि रोजगार लगाता है, जो कई जॉब सीकर के सपने पुरे हो जाते हैं |’ उन्होंने अपने 45 साल पहले शुरू किये उद्यमिता का जिक्र करते हुए बताया कि आपके भीतर छुपी हुई शक्ति और आपके अथक प्रयास ही आपको एक उद्यमि बना सकते हैं | जबकि ‘अभिषेक सिंह (चेयरमैन – इसरो अमेरिकन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एवं फाउन्डर एन्ड सेक्रेटरी जनरल – बिहार आंट्रप्रेन्युअर्स असोसिएशन) ने छात्रों को स्टार्ट-अप बिजनेस के बारे में जानकारी दी | उन्होंने छात्रों को नए-नए आईडिया खोजने एवं उन्हें डिस्कस कर, संभावनाओं को तलाशने पर जोर दिया | उन्होंने उन्होंने आईडिया को व्यावहारिक कॉन्सेप्ट में बदलने की ज़रूरत बताई | इस अवसर पर कौशल्या फाउंडेशन में संस्थापक कौशलेन्द्र ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि एक उद्यमि को अपने लक्ष्य का सही चुनाव करना चाहिए | उन्होंने कहा कि आप आईडिया जेनरेट करें, उसे शेयर करें और यदि वो सही हो, तो पुरे जूनून के साथ उस पर जुट जायें | उन्होंने कहा कि शुरुआत में लोग आप पर हँसेंगे लेकिन जब बाद में आप सफल हो जायेंगे तो वे ही लोग आपकी प्रशंशा करेंगे |

वहीँ ‘फार्म्स एन्ड फार्मर्स’ के को-फाउंडर मनीष कुमार – ‘करियर इन सोशल सेक्टर्स’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किये | उन्होंने कहा कि सोशल आंट्रप्रेन्युअरशिप में हमारा लक्ष्य समाज के विकास की और होना चाहिए, क्योंकि यह केवल व्यक्तिगत नहीं होता, बल्कि समाज के बड़े तबके से जुड़ा होता है |

इसके पश्चात वक्ताओं के मध्य एक ‘पैनल डिस्कशन’ का आयोजन किया गया, जिसका विषय था – ‘जॉब्स वर्सेज़ आंट्रप्रेन्युअरशिप वर्सेज़ हायर-स्टडीज़’ | इस मौके पर ‘आई.आई.टी.-खड़गपुर के आंट्रप्रेन्युअरशिप सेल’ के असोसिएट मेम्बर के निलेश पालीवाल ने अपने विचार व्यक्त किये |

इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने वक्ताओं से सवाल पूछकर अपनी अपनी जिज्ञासा शांत की तथा अपनी सक्रिय सहभागिता का परिचय दिया | छात्र प्राची ने गार्बेज प्रोसेसिंग यूनिट को स्थापित करने का विचार रखा | वहीँ छात्र अंशु ने ई-पोर्टल के द्वारा सामान्य घरेलू कार्यो जैसे इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, कारपेंटर इत्यादि की सुविधा को ऑनलाइन तरीके से पहुँचाने का विचार रखा | बी.बी.ए. के छात्र रामकुमार ने मछली उत्पादन के इनोवेटिव तरीके बताकर लोगों का ध्यान अपनी और खींचा | जबकि बी.बी.ए. के छात्र चन्दन कुमार ने लहसुन का कवर (छिलका) हटाकर उसे पैकिंग के रूप ने बाजार में आम उपभोक्ता के बीच लाने का आईडिया बताया | एम.बी.ए. के छात्र प्रिंस ने इवेंट मैनेजमेंट के अपने प्रोजेक्ट का जिक्र किया वहीँ एम.बी.ए. के ही प्रभात कुमार ने कम से कम संसाधन तथा खर्च में फिटनेस क्लब स्थापित करने का विचार रखा | जबकि बी.बी.ए. के विक्की कुमार ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सम्बंधित बिजनेस मॉडल की चर्चा की |

कार्यक्रम में दौरान मंच सञ्चालन सिमेज के डीन नीरज पोद्दार द्वारा किया गया | इस अवसर पर सिमेज की सेंटर हेड मेघा अग्रवाल तथा एकेडमिक हेड डॉ. (प्रो.) अखिलेश्वर प्रसाद के साथ-साथ मैनेजमेंट विभाग के सभी शिक्षक भी मौजूद थे |

धन्यवाद सहित |

नीरज अग्रवाल

निदेशक – सिमेज समूह |