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डिजिटल इंडिया वीक के तहत हुई वेबसाईट मेकिंग प्रतियोगिता | मोबाईल ऐप और वेबसाईट के साथ छात्रों ने प्रस्तुत किये इ-गवरनेंस के पोर्टल

डिजिटल इंडिया वीक के तहत हुई वेबसाईट मेकिंग प्रतियोगिता | मोबाईल ऐप और वेबसाईट के साथ छात्रों ने प्रस्तुत किये इ-गवरनेंस के पोर्टल

सिमेज कॉलेज में कई प्रतियोगिताओं और वर्कशॉपस् के साथ डिजिटल इंडिया वीक को मनाया जा रहा है | इस कार्यक्रम के तहत सबसे पहले सिमेज में आई०आई०टी०-मुंबई द्वारा संचालित स्पोकेन प्रोजेक्ट के रिसोर्स सेंटर की विधिवत शुरुआत की गयी | इसके तहत कंप्यूटर साइंस के विभिन्न कोर्सेज जैसे कि PHP, Python, Ruby, JAVA, MATLAB एवं SQL के पहले बैच का इंडक्शन आयोजित किया गया |

इस अवसर पर मोबाईल एंड्रोइड ऐप मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया | कृष्ण कुणाल ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम के लिए एंड्रोइड ऐप बनाया जिसके लिए उसे पहला पुरस्कार मिला | वहीँ शक्ति शरण एवं ग्रुप को बिहार टूरिज्म मोबाईल का ऐप बनाने के लिए द्वितीय पुरस्कार मिला |

डिजिटल इण्डिया वीक के तहत एक वेबसाईट मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गयी जिसमें छात्रों ने बिहार के सन्दर्भ में कई ऐसी वेबसाइटो का निर्माण किया जिससे जनोपयोगी सुविधाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा सके | इस प्रतियोगिता में धीरज कुमार एंड ग्रुप के द्वारा डिसास्टर मैनजमेंट के क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन एवं सूचनाओ के आदान प्रदान हेतु बनाई गई वेबसाईट को प्रथम स्थान दिया गया, वहीँ विशाल वढेरा एंड ग्रुप को द्वितीय पुरस्कार मिला जिसने ड्राइविंग लाइसेसं से जुडी ज्यादातर कागजी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन पूरा करने हेतु वेबसाईट का निर्माण किया |

रोहित द्वारा इ-बैग के कांसेप्ट पर एक ऐसी वेबसाईट का निर्माण किया गया जहाँ से नर्सरी से लेकर पि०जी० तक की किताबों को डाउनलोड किया जा सकता है | वहीँ अवनीश द्वारा ऑनलाइन ब्लड बैंक पोर्टल एवं डोनर रजिस्टर का प्रदर्शन किया | नितीश कुमार द्वारा इ-हॉस्पिटल प्रोजेक्ट के तहत वेबसाईट बनाई जिसमे कोई भी व्यक्ति अपनी स्वास्थ सम्बन्धी दस्तावेजों को ऑनलाइन सुरक्षित रख सकेगा | विवेक पंडित द्वारा एनलाइटेन्ड बिहार, अतुल कुमार द्वारा स्मार्ट सिटी, सिद्धांत कुमार द्वारा डिज़िटल बिहार, रोहित कुमार द्वारा इ-जानकारी एवं अचल कुमार द्वारा ट्रांस्फोर्मिंग बिहार की थीम पर वेबसाईट का प्रदर्शन किया गया |

ई-तिजोरी, ऑनलाइन लैंड रेकोर्ड्स, सीक्रेट करप्शन कंट्रोल, इमरजेंसी डिसास्टर कम्युनिकेशन प्लेटफोर्म, ई-बैग, ऑनलाइन एफ-आइ०आर०, ऑनलाइन आर०टी०आई, ई-जनता दरबार, ऑनलाइन डॉक्टर, मिनिस्टर ऑनलाईन, पेशेंट स्टेट्स, ई-ब्लेकबोर्ड जैसी विभिन्न नवाचारी जनउपयोगी सुविधाओं को छात्रों द्वारा डिजाइन किया गया |

 छात्रों द्वारा बनाई गयी वेबसाइट्स एवं मोबाईल ऐप को बिहार सरकार के आई०टी० डिपार्टमेंट के पास भेजा गया है | जिसमे से चयनित प्रोजेक्ट्स को आई०टी० डिपार्टमेंट अपने इ-बिहार प्रोजेक्ट के तहत अपनाएगा |

सिमेज के निदेशक नीरज अग्रवाल ने आईबीएम, टी०सी०एस, विप्रो एवं एच०पि० सॉफ्टवेयर द्वारा इस वर्ष चयनित किये गए सिमेज के छात्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन कंपनियों ने सिमेज में कैम्पस प्लेसमेंट में उन्ही छात्रों का चयन किया जो प्रोजेक्ट निर्माण में अव्वल है | आई०टी० के छात्रों के लिए लाइव प्रोजेक्ट मेकिंग कॉम्पिटिशन का महत्व विश्वविद्यालय की परीक्षा से भी अधिक है | चयनित छात्रों ने कई सॉफ्टवेयर एवं वेबसाईटस् का निर्माण किया था जिसके बाल पर विभिन्न कंपनियों द्वारा उन्हें जॉब ऑफर किया गया | इस अवसर पर सिमेज के डीन प्रोफेसर अखिलेश्वर प्रसाद ने छात्रों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि उन्की यह मेहनत एक ओर जहाँ बिहार को आई०टी० के क्षेत्र में आगे ले जाने में सरकार के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी वही छात्र जीवन में इस तरह के प्रोजेक्ट्स बनाने का विशेष लाभ छात्रों को आगे चल कर अपने कार्यक्षेत्र में मिलेगा |

साथ ही इस अवसर पर डेटावेयर हाउसिंग टूल “इन्फोर्मिटीका” के ऊपर एक माह के वर्कशाप की भी शुरुआत की गयी | इस वर्कशॉप में छात्रों को लाइव प्रोजेक्ट के तहत इन्फोर्मेटीका की बारीकियों को समझने एवं डाटाबेस को डिजाइन करने की मौका मिलेगा |