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सिमेज ‘इंस्पायरो’ | प्रबंधन तथा आई.टी. के छात्रो के लिए एक प्रेरणादायक कार्यक्रम

सिमेज ‘इंस्पायरो’ | प्रबंधन तथा आई.टी. के छात्रो के लिए एक प्रेरणादायक कार्यक्रम

आप भी अपनी उपलब्धियों से दूसरों के प्रेरणास्रोत हो सकते हैं – राजीव अग्रवाल 

उर्जान्वित हुए सिमेज के छात्र | वक्ताओं ने अपने निजी अनुभवों से प्रेरित किया छात्रों को |

असफलताएँ हमें आजमाती हैं | कमजोरियों को बदले मजबूतियों में |

सभी वक्ता बिहार की माटी में जन्मे, पले-बढे और आज पहुंचे सफलता के पायदान पर |

सिमेज कॉलेज द्वारा प्रबंधन तथा आई.टी. के छात्रो के लिए एक प्रेरणादायक कार्यक्रम ‘इंस्पायरो’ का आयोजन किया गया | इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से सफल उध्यमी, वरिष्ठ शिक्षाविद तथा ब्यूरोक्रैट्स के साथ-साथ सिमेज के 1200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया |

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत रूप से दीप प्रज्वल्लित कर की गयी | सिमेज के निदेशक नीरज अग्रवाल ने वक्ताओं का स्वागत किया | उन्होंने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘हमारी जिंदगी में प्रेरणा का बड़ा ही महत्वपूर्ण स्थान है और ‘इंस्पायरो ’ छात्रों के उनके लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित करने का कार्य करेगा | इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रो को ज़िंदगी मे सही ‘लक्ष्य’ का निर्धारण करने तथा उसे प्राप्त करने हेतु योजनाबद्ध तरीके से प्रयास करने हेतु प्रेरित करने का है | विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले ये दिग्गज अपने अनुभवों से छात्रो को लाभान्वित करेंगे, जो इन छात्रों को जीवनपर्यंत काम आएगा | उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि ये सभी वक्ता बिहार के ही हैं और मध्यमवर्गीय परिवार से हैं | इन्होने भी अपनी ज़िन्दगी में चुनौतियों का सामना किया, अपनी कमजोरियों को मजबूती में बदला और अपनी सफलता की इबारत लिखी |

कार्यक्रम के प्रथम चरण में आइ०आर०एस अधिकारी और एन०आइ०एफ़०टी० दिल्ली के सीएफओ श्री आनंद केडिया छात्रों से मुखातिब हुए | उन्होंने कहा कि ज़िन्दगी में लक्ष्य और सिद्धांत बनाना बहुत ज़रूरी है | साथ ही हमें इसका भी ध्यान रखना चाहिए कि ज़िन्दगी में हमारा सबसे प्रमुख केंद्रबिंदु क्या है ? सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता | श्री आनंद केडिया इन्कम टैक्स विभाग- नई दिल्ली मे वतौर असिस्टेंट कमिश्नर योगदान भी दे चुके है | उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों से लिए गए सीख से छात्रों को अवगत कराते हुए कहा कि ‘मैं बिहार के गोपालगंज में साधारण घर में पैदा हुआ, हिंदी माध्यम के स्कुल से पढाई की, और तमाम चुनौतियों का सामना किया और आज सफल हुआ | अगर मैं सफल हुआ, तो आप भी सफल हो सकते हैं | वो हर व्यक्ति सफल हो सकता है, जिसके पास दृढ संकल्प है |”

कार्यक्रम के दुसरे चरण में ‘निलॉन्स समूह’ के सी.ई.ओ. एवं निदेशक श्री राजीव अग्रवाल ने छात्रों को संबोधित किया | उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि ‘ज़िन्दगी ‘गिव एंड टेक’ के सिद्धांत पर आधारित है | अगर आप समुचित इनपुट देंगे तभी इच्छित आउटपुट मिलेगा | बिना कुछ किये ही कुछ मिल जायेगा ऐसा नहीं होता | एक किसान को भी फसल प्राप्त करने के लिए पहले कुछ (बीज) डालना पड़ता है | इसलिए अगर आप सफल होना चाहते हैं, समृद्ध होना चाहते हैं, तो अपना पूरा श्रम, अपने पुरे जी-जान से लगा दें | उन्होंने अपने भारत, अमेरिका और इंडोनेशिया में किये गए कार्यों के अनुभवों से कहा कि चुनौतियाँ सभी जगह होती हैं चाहे वो घर हो, परिवार हो या फिर कार्यस्थल ! लेकिन इन सभी जगह पर आप तभी सफल हो सकते हैं जब आप की हताशा से मुकाबला करने की प्रतिरोध क्षमता (थ्रेश होल्ड) उससे ज्यादा हो और आपकी सोच सकारात्मक हो | उन्होंने कहा कि आप की दो पहचान है एक प्रोफेशनल, और एक व्यक्तिगत | हमें इस दोनों चीजों को मिक्स नहीं करना चाहिए | कार्य के दौरान आपकी कोई व्यक्तिगत पहचान नहीं होती |

आपको समस्याओं से घबड़ाना नहीं चाहिए | उनका सामना करना चाहिए | कोई भी काम आसान या कठिन नहीं होता, हमारी सोच उसे वैसा बनाती है | उन्होंने निलॉन्स कम्पनी का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘जब मैंने निलॉन्स कम्पनी ज्वाइन की थी तब उस कंपनी का सालाना टर्न-ओवर 8 करोड़ था | आज उस कंपनी का सालाना कारोबार 300 करोड़ तक पहुँच चुका है | ज़िन्दगी में आगे बढ़ने के लिए आपके अंदर ‘ग्रोथ का कीड़ा’ होना चाहिए | आप जैसा सोचते हैं, वैसे लोग आपसे मिलते हैं, आप वैसा करते हैं |

उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज आप सब इन्स्पायरो में प्रेरणा लेने आये हुए हैं, लेकिन आप में वो प्रतिभा है कि आप भी अपनी उपलब्धियों के दम पर दूसरों के प्रेरणास्रोत हो सकते हैं | इन्सान अपनी कमजोरियों की मदद से आगे नहीं बढ़ता, अगर वह आगे बढ़ता है तो वह अपनी मजबूतियों और क्षमताओं की वजह से आगे बढ़ता हो | अपनी मजबूतियों को हमें इतना बढ़ा देना चाहिए कि कमजोरियाँ छोटी पड़ जाये | उन्होंने कहा कि आप इस युग में पैदा हुए हैं जहाँ आपको 100 साल तक काम करना पड़ेगा | इसलिए उस शरीर का ध्यान रखना ज़रूरी है | उन्होंने कहा कि ज़िन्दगी में स्ट्रगल के दौरान और सफल होने के बाद विनम्रता बहुत ज़रूरी है | उन्होंने यह भी कहा कि ‘दुसरो लोगों में इन्टरेस्ट लीजिये | उन्होंने कहा कि Take care of the people, They will take care of you. उन्होंने कहा कि यह समय का बेहतरीन दौर हैं और तकनीकी रूप से दक्ष लोगों के लिए सफलता पाने के प्रचुर मौके है |

छात्रों को संबोधित करते हुए इक्रिसैट के वित्त निदेशक प्रो. राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘मैं पूर्णिया से हूँ और मैंने बिहार से 1983 से मैट्रिक की पढाई उतीर्ण की थी | उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि मेरी अंग्रेजी और गणित कमज़ोर थी और मेरी अंग्रेजी ख़राब होने की वजह से मेरा बंगाल के स्कुल में नामांकन नहीं हो सका था | बहुत मिन्नत करने के बाद वहां के स्कुल ने मेरा प्रोविजनल एडमिशन लिया और मुझे अगले तीन महीने में मैंने जी-जान लगाकर पढाई की और इंग्लिश और गणित में टॉप किया | उन्होंने कहा कि ऑर्डिनरी लोग भी ज़िन्दगी में  एक्स्ट्राऑर्डिनरी सफलता हासिल कर सकते हैं | उन्होंने कहा कि कोई भी सपना ऐसा नहीं होता, जो पूरा नहीं किया जा सके ! उन्होंने कहा कि हमारी सोच ही हमारा बंधन है | अगर हम अपनी सोच को बढ़ा सकें तो हम किसी भी लक्ष्य को पूरा कर सकते | उन्होंने बताया कि ‘हमें सफल लोगों के साथ-साथ, हमारे आस-पास के लोगों से इंस्पिरेशन लेना चाहिए कि अगर ‘वो’ सफल हो सकते हैं तो मैं भी सफल हो सकता हूँ | अगर हमसे कभी कोई गलती हो जाये तो हमें अपनी गलतियों को स्वीकारना चाहिए | उन्होंने कहा कि कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है | उन्होंने कहा कि लोग अपनी कमियों पर ज्यादा फोकस्ड रहते हैं और इसी वजह से वे अपनी खुबियों और क्षमताओं का इस्तेमाल नहीं कर पाते है |

ज्ञात हो कि प्रो. राजेश अग्रवाल पूर्व में आई.आई.एम.- अहमदाबाद तथा इरमा- आनन्द जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों मे प्रोफसर के रूप में कार्य कर चुके हैं | वे आई.आई.एम.- अहमदाबाद के एकमात्र ऐसे प्रोफेसर हैं, जिन्हे लगातार दो बार ‘बेस्ट प्रोफेसर ऑफ द ईयर’ के पुरस्कार से नवाजा गया |

इस अवसर पर छात्रों ने वक्ताओं से सीधा संवाद भी स्थापित किया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया | इस अवसर पर सिमेज के ‘एकेडमिक हेड’ डा.प्रो.अखिलेश्वर प्रसाद ने कहा कि ‘हमें इन वक्ताओं के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए’ |

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन सिमेज समूह के चेयरमैन श्री बसंत अग्रवाल ने किया | उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों को ज़िन्दगी में लक्ष्य बनाने के लिए प्रेरित करते हैं और उनमे सकारात्मक उर्जा का संचार करते हैं | कार्यक्रम के दौरान मंच सञ्चालन सिमेज के डीन नीरज पोद्दार द्वारा किया गया |