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ओरेंज कोस्ट कॉलेज अमेरिका के व्याईस प्रेसिडेंट ‘रिचर्ड टी. पेजेल’ का सिमेज कॉलेज में व्याख्यान

ओरेंज कोस्ट कॉलेज अमेरिका के व्याईस प्रेसिडेंट ‘रिचर्ड टी. पेजेल’ का सिमेज कॉलेज में व्याख्यान

सिमेज में शुक्रवार को सिमेज के छात्रों के बीच उपस्थित थे – ओरेंज कोस्ट कॉलेज, कैलीफोर्निया, यू.एस.ए. के व्याईस प्रेसिडेंट “प्रोफेसर रिचर्ड टी. पेजेल” | रिचर्ड उच्च शिक्षा एवं वोकेशनल ट्रेनिंग के क्षेत्र में वर्तमान परिस्थितियों एवं चुनौतियों का अध्यन करने हेतु भारत के दौरे पर आये हुए है  | वे भारत के विभिन्न शहरों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले संस्थानों में जाकर वहां अपनाई जा रही नवाचारी पद्धतियों का अध्यन कर रहें है | इसी क्रम में प्रो० रिचर्ड ने सिमेज कॉलेज का चयन किया और सिमेज की शैक्षणिक पद्धति और सफलताओं को समझने हेतु वे पटना आये | बिहार में एकमात्र सिमेज संस्थान में ही उन्होंने दौरा किया | ज्ञात हो कि अमेरिका के कैलीफोर्निया में स्थित ओरेंज कोस्ट कॉलेज, के विभिन्न वोकेशनल एवं डिग्री कोर्स में लगभग 25000 छात्र अध्ययनरत हैं |

इस अवसर पर स्काइप के माध्यम से विभिन्न विषयों पर ऑरेंज कोस्ट कॉलेज के प्रोफेसर्स वर्कशॉप आयोजित करेंगे | साथ ही ओरेंज कोस्ट कॉलेज, अमेरिका तथा सिमेज, संस्थानों के मध्य ‘स्टूडेंट्स इंटरैक्शन प्रोग्राम’ संचालित किये जायेंगे | ‘स्टूडेंट्स इंटरैक्शन प्रोग्राम’ के तहत ‘इंडियन एजुकेशन सिस्टम’ और ‘नीड ऑफ़ वोकेशनल एडुकेशन’ को समझने के लिए ओरेंज कोस्ट कॉलेज, यू.एस.ए. के छात्र बिहार में सिमेज के साथ मिलकर, कोलोब्रेटिव स्टडीज़ को संचालित करेंगे | साथ ही सिमेज से चयनित कुछ छात्रों को भी ओरेंज कोस्ट कॉलेज, यू.एस.ए. में पढने का अवसर मिलेगा |

प्रो रिचर्ड सिमेज के छात्रों से मिलकर उनकी प्रतिभा से काफी प्रभावित हुए | इस अवसर पर छात्रों ने उनसे सवाल पुछकर अपनी जिज्ञासा का समाधान किया | रिचर्ड ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारतीय एवं अमेरिकी शिक्षा व्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन किया | उन्होंने कहा कि भारत में मात्र 17% लोग ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जा पा रहे हैं | ज़रूरत इस बात की है कि अधिक से अधिक सुविधाओं का लाभ जन सामान्य तक पहुँचाया जाये | प्राईमरी शिक्षा के क्षेत्र में भी मूलभूत सुविधाओं के विकास की अत्यन्त आवश्यकता है | प्राइवेट स्कुल एवं सरकारी स्कुल की पढाई में बहुत बड़ा अंतर है | उन्होंने प्राईमरी शिक्षा के क्षेत्र में समान शिक्षा व्यवस्था की वकालत की | बिहार के छात्रों के परिपेक्ष्य में उन्होंने कहा कि सफलता के लिए वे सबसे पहले अपने लक्ष्य का निर्धारण करें | छात्रों को अपने दीर्घ अवधि एवं तात्कालिक लक्ष्य का निर्धारण करना चाहिए एवं उसकी प्राप्ति सुनिश्चित करनी चाहिए |

उन्होंने कहा कि जिस तरह सिमेज में एजुकेशन के साथ ट्रेनिंग एवं स्किल डेवलपमेंट को जोड़ा गया है, एवं छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर ध्यान दिया जाता है, वह प्रशंसनीय है | यह उभरते हुए भारत की ज़रूरत है | उन्होंने छात्रों को कहा कि भारत के युवा आज अंग्रेजी बोल पा रहे हैं, समझ पा रहे हैं, यह उनकी सबसे बड़ी ताकत है | एक विषय के सन्दर्भ में उन्होंने कहा कि भारत की डेमोक्रेसी, भारत की ताकत है | उन्होंने कहा कि मेरा यह आकलन है कि भारत विकास के क्षेत्र में 2045 तक चीन को पीछे छोड़ सकता है | उन्होंने भारतीय सामाजिक व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत का युवा, अपने परिवार से, अपने ज़मीन से जुड़ा है | यहाँ लोग परिवार में साथ मिलकर पर्व त्यौहार मनाते हैं, सुख-दुःख बांटते हैं, लेकिन अमेरिका में युवा भौतिकतावाद से ज्यादा प्रभावित हैं | वह 18 साल का होते ही भौतिकतावादी होकर, घर से और परिवार से अलग होकर ‘अपने’ बारे में सोचने लगता है और परिवार से कट जाता है | लेकिन भारत में लोगों के बीच वर्क-लाइफ के बीच अच्छा बैलेंस हैं |

इसके पूर्व सिमेज के निदेशक नीरज अग्रवाल ने उनका कॉलेज में स्वागत किया | उन्होने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य छात्र को एक बेहतर इन्सान बनाना है, उन्हें स्किल्फुल बनाना है | और सिमेज की सोच छात्रों को ज्ञानवान बनाने के साथ-साथ उन्हें समर्थ और क्षमतावान बनाने की है |

कॉलेज के छात्रों का यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में टॉप करना और उनका विप्रो और टी.सी.एस. जैसे कंपनियों द्वारा चयनित किया जाना इसका जीवंत प्रमाण है |