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सिमेज में अंबेडकर दिवस के अवसर पर  आयोजित की गई परिचर्चा | भारतीय संविधान तथा डॉ॰ अंबेडकर के महत्व पर हुई चर्चा

सिमेज में अंबेडकर दिवस के अवसर पर आयोजित की गई परिचर्चा | भारतीय संविधान तथा डॉ॰ अंबेडकर के महत्व पर हुई चर्चा

सिमेज में अंबेडकर दिवस के अवसर पर दिनाँक 14 अप्रैल 2022 को एक परिचर्चा का आयोजन किया गया | इसमे मुख्य वक्ता के तौर पर पूर्व न्यायधीश श्री रमेश कुमार रतेरिया ने भाग लिया |  श्री रमेश कुमार रतेरिया बिहार ज्यूडिशियल अकेडमी के चेयरमैन हैं तथा बिहार कॉमर्शियल टैक्सेज़ ट्रिब्यूनल के चेयरमैन हैं | वह दरभंगा, कटिहार तथा किशनगंज में डिस्ट्रिक्ट जज के पदों पर कार्यरत रह चुके हैं |

“अपमान के घूंट से सम्मान की भूख बढ़ती है  –  श्री रमेश कुमार रतेरिया”

कार्यक्रम के शुरुआत में सिमेज के निदेशक नीरज अग्रवाल ने श्री रथेरिया का स्वागत किया तथा छात्रों को उनके न्यायिक तथा सामाजिक क्षेत्र में योगदान से परिचित कराया और छात्रों को संबोधित किया तथा भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के योगदान पर प्रकाश डाला |

उसके बाद छात्रों को संबोधित करते हुये श्री रमेश कुमार रतेरिया ने आज के दिन के महत्व की चर्चा की | उन्होने भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के योगदान पर चर्चा की | उन्होने कहा कि हम सभी को बाबा साहब अंबेडकर का आभारी होना चाहिए क्योंकि उन्ही के लिखे संविधान ने हमे सभी अधिकार प्रदान किया है और उन्ही की वजह से आज हम यहाँ हैं | उन्होने कहा कि संविधान ने हमें स्वतन्त्रता, गरिमा, अभिव्यक्ति, न्याय और समानता का अधिकार दिया है | उन्होने छात्रों से चर्चा करते हुये कहा कि जीवन में हमे ऊंचे लक्ष्य बनाने चाहिए | छात्रों ने जब उनसे पूछा कि जीवन में उन्हे आगे बढ्ने कि प्रेरणा कहाँ से मिली ? तो उन्होने कहा कि “मैं पटना जंक्शन पर अखबार बेचता था | जब मैं जीवन में आगे बढ़ सकता हूँ तो आप भी किसी भी सफलता को पा सकते हैं | जीवन में हमे कभी हार नहीं माननी चाहिए और हमारे जीवन में प्रेरणा का होना बहुत जरूरी है | उन्होने कहा कि अपमान के घूंट से सम्मान की भूख बढ़ती है |

Ambedkar Jayanti 2022

Ambedkar Jayanti 2022

इस अवसर पर छात्रों ने श्री रमेश कुमार रतेरिया से प्रश्नोत्तर किया एवं उन्होने इसके माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया | छात्रों ने उनसे भारतीय संविधान, कानून, और उनके न्यायिक जीवन से संबन्धित सवाल पूछे | श्री रतेरिया ने छात्रों के सारे सवालों के जवाब दिये और छात्रों से अपील की कि छात्रों को यह जानना चाहिए कि देश में कानून कैसे बनता हैं ? इसकी प्रक्रिया क्या है ? और हमारे सामाजिक दायित्व क्या हैं ? उन्होने छात्रों से कहा कि प्रतिज्ञा करें कि हम अपने देश का कानून जानेंगे और मानेंगे भी | इस अवसर पर छात्रों ने संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया तथा संविधान को बचाने की शपथ ली | उन्होने अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की भी शपथ ली | कार्यक्रम के अंत में श्री रमेश कुमार रतेरिया को प्रतीक चिन्ह देकर कॉलेज की तरफ से सम्मानित किया गया | कार्यक्रम के दौरान मंच सञ्चालन सिमेज के डीन नीरज पोद्दार ने किया | इस अवसर पर सिमेज की सेंटर हेड मेघा अग्रवाल तथा अन्य  सभी शिक्षक भी मौजूद थे | इस अवसर पर बाबा साहब अंबेडकर को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई |